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Most Important Arithmetic Topics for SSC CGL 2026 | Complete Arithmetic Revision in One Video

671 min video5 key momentsWatch original
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TL;DR

Maths Mania का यह विडियो SSC CGL के लिए अर्थमैटिक के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को एक साथ कवर करता है।

Key Insights

1

सक्सेसिव vs ट्री मेथड — जब भी कैंडिडेट को वैलिड वोट से रिलेट करते हैं तो सक्सेसिव मेथड लगाते हैं, लेकिन जब टोटल वोट से रिलेट करते हैं तो ट्री मेथड लगाते हैं।

2

टोटल वोट्स की परिभाषा — इलेक्शन में टोटल वोट्स का मतलब वोटर लिस्ट में जिनका नाम है वो सब, चाहे वो वोट दें या न दें — यह मतलब नहीं कि कितने लोग वोट डालने आए।

3

विनर-लूजर डिफरेंस ट्रिक — प्रॉफिट-लॉस में विनर और लूजर के डिफरेंस को निकालते समय, अगर विनर को 60% और लूजर को 40% मिले तो डिफरेंस 20% है — इसे 50 से दूरी का डबल कर के भी निकाल सकते हैं।

4

एक आइटम पर P/L निकालना — एक आइटम पर प्रॉफिट या लॉस निकालने के लिए SP - CP (प्रॉफिट) या CP - SP (लॉस) करते हैं, फिर कुल आइटम्स से गुणा करते हैं।

5

गैप कैलकुलेशन फॉर्मूला — जब प्रॉफिट और लॉस दोनों दिए हों और दोनों अलग-अलग सेलिंग प्राइस पर हों, तो गैप = प्रॉफिट% + लॉस% होता है।

6

डिसऑनेस्ट शॉपकीपर प्रॉफिट — डिसऑनेस्ट शॉपकीपर या सेम सेलिंग प्राइस टाइप प्रॉफिट-लॉस में, अगर वजन में कमी है तो ज्यादा प्रॉफिट होता है क्योंकि कम सामान पर ज्यादा दाम मिल जाता है।

7

ट्री मेथड स्टेप्स — ट्री मेथड में 100% को पहले तोड़ते हैं उन सभी चीजों में जो 100% से कम हैं (जैसे कुछ लोग वोट नहीं देते, कुछ वोट इनवैलिड होते हैं)।

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Deep Dive

इलेक्शन टॉपिक का बेसिक फाउंडेशन

यह वीडियो SSC CGL के लिए अर्थमैटिक के सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को कवर करता है, जिनमें बच्चों को सबसे ज्यादा गलतियां होती हैं। इलेक्शन वाले सवालों में पहली चीज को समझना है कि टोटल वोट्स का क्या मतलब है — यह वोटर लिस्ट में जिनका नाम है सब होते हैं, चाहे वो वोट दें या न दें। फिर वोट कास्ट का मतलब जितने लोग वोट डालने गए, और इनवैलिड वोट्स वो होते हैं जो वैलिड नहीं हैं। वैलिड वोट्स ही दरअसल कैंडिडेट्स को मिलते हैं। इलेक्शन सवालों में दो मेथड्स हैं: जब कैंडिडेट को वैलिड वोट से रिलेट करते हैं तो सक्सेसिव मेथड लगाते हैं, और जब टोटल वोट से रिलेट करते हैं तो ट्री मेथड लगाते हैं। यह बेसिक समझ सब कुछ आसान बना देती है।

सक्सेसिव मेथड और ट्री मेथड का प्रैक्टिकल अनुप्रयोग

सक्सेसिव मेथड में आप पहले देखते हो कि टोटल वोट्स में से कितने लोगों ने वोट डाला, फिर इसमें से कितने वैलिड हैं, और फिर इन वैलिड वोट्स में से किसको कितना मिला। जैसे अगर 10% लोगों ने वोट नहीं डाला और 15% वोट इनवैलिड हो गए, तो आपको सीधे यह निकालना है कि 75,000 टोटल वोट्स में से 90% लोगों ने वोट डाला (67,500), और इसमें से 85% वैलिड हैं (57,375)। अब अगर कैंडिडेट P को वैलिड वोट्स का 78% मिला है, तो Q को 22% मिलेगा। ट्री मेथड में सीधा 100% को तोड़ते हैं, जैसे 100% में से 15% नहीं डाले, 69% किसी को मिले, तो बचा 16% जिसमें इनवैलिड भी है और दूसरा कैंडिडेट भी। दोनों मेथड्स एक ही आंसर देते हैं, बस सोचने का तरीका अलग है।

प्रॉफिट-लॉस में विनर-लूजर डिफरेंस निकालना

प्रॉफिट-लॉस में जब विनर और लूजर के बीच का डिफरेंस दिया जाता है, तो एक सिंपल ट्रिक है। अगर विनर को 60% मिला है तो लूजर को 40% मिलेगा, और डिफरेंस 20% होगा। लेकिन अगर मेमोरी में यह न बैठे तो आप 50 को मिड पॉइंट मानो — अगर कोई पर्सेंटेज 60 है तो 50 से उसकी दूरी 10 है, फिर इसका डबल कर दो (20) और आपका डिफरेंस निकल गया। यह ट्रिक सभी केसेस में काम करती है। जैसे अगर विनर को 56% मिला तो 50 से दूरी 6 है, डबल करो 12 — यही डिफरेंस है। यह गणित को तेज करता है और परीक्षा में समय बचाता है।

सेम सेलिंग प्राइस और डिसऑनेस्ट शॉपकीपर

जब एक शॉपकीपर कहता है कि मैं किसी सामान को इतने रुपए में बेचता हूं तो मुझे प्रॉफिट होता है, लेकिन अगर उसे इतने में बेचूं तो मुझे लॉस होता है, तो यह वजन या मात्रा में फर्क है। डिसऑनेस्ट शॉपकीपर परिस्थिति में शॉपकीपर कम वजन देता है लेकिन सेम सेलिंग प्राइस रखता है। उदाहरण के लिए, अगर 12 पेन का दाम 240 रुपए है लेकिन वह 6 पेन का कॉस्ट प्राइस लॉस के बराबर लॉस दे रहा है, तो 12 CP - 6 CP = 6 CP लॉस हो रहा है, और यह 12 SP के बराबर है। इससे CP और SP का अनुपात आसानी से निकल आता है। ये सवाल सिर्फ अनुपात निकालने के बाद परीक्षा में आसान हो जाते हैं।

प्रॉफिट और लॉस दोनों दिए गए सवाल

जब सवाल कहता है कि अगर आप किसी आइटम को 480 रुपए में बेचते हो तो आपको X% लॉस होता है, लेकिन अगर इसे 720 रुपए में बेचते हो तो Y% प्रॉफिट होता है, तो आप दोनों सेलिंग प्राइसेस के बीच का अंतर निकालते हो। 720 - 480 = 240 है, और यह डिफरेंस (X% + Y%) के बराबर है क्योंकि एक तरफ लॉस है दूसरे तरफ प्रॉफिट। अब अगर आपको दिया है कि X = 20% और Y = 10%, तो गैप 30% है और इसकी वैल्यू 240 है। इससे 1% की वैल्यू 8 निकलती है, और CP (जो 100%) की वैल्यू 800 हो जाती है। यह एक बहुत ही पावरफुल कांसेप्ट है जो सभी तरह के प्रॉफिट-लॉस सवालों को खोल देता है।

इनवैलिड वोट्स का असर और ट्री मेथड में हिसाब

जब ट्री मेथड से काम करते हो तो 100% को पहले यह समझो कि इसमें से क्या-क्या कम हो रहा है। अगर 15% लोगों ने वोट नहीं डाला, 20% वोट इनवैलिड हो गए, और विनर को 69% मिला, तो बचा 16% जिसमें इनवैलिड वोट्स भी हैं और लूजर को मिले वोट्स भी हैं। अब अगर उस 20% इनवैलिड का 90% भाग लूजर को मिल जाता है तो उसे 18% मिल जाता है, और वह कुल 53% पे पहुंच जाता है। इस तरह विनर के 45% का मुकाबला लूजर के 53% के साथ हो जाता है और लूजर जीत जाता है 8% से। यह समझना महत्वपूर्ण है कि इनवैलिड वोट्स परिणाम को कैसे बदल सकते हैं।

Takeaways

  • ✓इलेक्शन वाले सवालों में जब कैंडिडेट को वैलिड वोट से रिलेट करो तो सक्सेसिव मेथड लगाओ।
  • ✓प्रॉफिट-लॉस में CP को 100 मानकर और गैप निकालकर तुरंत सवाल सॉल्व कर सकते हो।
  • ✓डिसऑनेस्ट शॉपकीपर और सेम सेलिंग प्राइस जैसे टॉपिक्स को छोड़ मत दो क्योंकि ये एग्जाम में बार-बार आते हैं।

Key moments

9:23इलेक्शन टॉपिक का महत्व

“यह जो टॉपिक है, यह इतना इंपॉर्टेंट है कि यह हर साल आपके एग्जाम में आना ही आना है।”

11:22टोटल वोट्स की परिभाषा

“टोटल वोट्स मतलब जितने लोग वोट डाल सकते हैं जिनका नाम वोटर लिस्ट में वो आपके टोटल वोट्स हो गए।”

12:46सक्सेसिव और ट्री मेथड

“जब भी हम कैंडिडेट को वैलिड वोट से रिलेट करेंगे हम सक्सेसिव मेथड लगाएंगे। जब भी हम टोटल वोट से रिलेट करेंगे हम ट्री मेथड लगाएंगे।”

43:53प्रॉफिट-लॉस का फॉर्मूला

“अगर आपको एक आइटम पे प्रॉफिट SP - CP होता है तो आपको 7 आइटम पे कितना प्रॉफिट होगा? 7 SP - CP।”

44:27CP को 100 मानने का फायदा

“CP को 100 मानने से फायदा यह होता है कि अगर 17% का प्रॉफिट हो रहा है तो SP तुरंत 117 हो जाता है।”

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