Night Trader - Trading Simplified
Night Trader - Trading Simplified Sep 11
Finance

How I Became a Profitable Trader & Passed Prop Firm Challenges | My Full Trading Journey

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TL;DR

राकेश ने 7 साल में 28 लाख का नुकसान से लेकर 1 करोड़ से अधिक का पेआउट लेने तक की अपनी ट्रेडिंग यात्रा शेयर की।

Key Insights

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28 लाख का नुकसान, मानसिकता में परिवर्तन — राकेश ने 28 लाख का नुकसान उठाया जब वह बिना सही रिस्क मैनेजमेंट के तीन साल तक विभिन्न मार्केट्स में ट्रेडिंग कर रहे थे — लेकिन यह नुकसान उनके माता-पिता के सामने स्वीकार करने के बाद उनकी पूरी मानसिकता बदल गई।

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1 करोड़+ पेआउट, मल्टीपल प्लेटफॉर्म्स — प्रॉप फर्म्स से राकेश ने 1 करोड़ से अधिक का कुल पेआउट लिया है — Alpha Trading Capital, Funding Pips, Blueberry Funded, CFT, Coin Tracks और अन्य कंपनियों से, जो यह साबित करता है कि CFD, फ्यूचर्स और क्रिप्टो सभी में पैसा बनाया जा सकता है।

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4 घंटे का टाइम फ्रेम, धैर्य प्रशिक्षण — 4 घंटे का टाइम फ्रेम चुनने से राकेश की साइकोलॉजी में बड़ा बदलाव आया क्योंकि यह छोटे टाइम फ्रेम्स में होने वाले बार-बार के फैसलों से बचाता है और धैर्य सिखाता है।

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80-90% मनोविज्ञान, 5-10 सेकंड निष्पादन — ट्रेडिंग में 80-90% समय सिर्फ मनोविज्ञान है — सही निर्णय लेना, स्टॉप लॉस लगाना, और अनुशासन से अपनी ट्रेडिंग प्लान को फॉलो करना, जबकि चार्ट पढ़ने में केवल 5-10 सेकंड लगते हैं।

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Point 7 Club, फिबोनाची रिट्रेसमेंट — राकेश की Point 7 Club स्ट्रेटजी फिबोनाची पर आधारित है जहाँ वह 70% रिट्रेसमेंट पर एंट्री लेते हैं और स्विंग लो/हाई पर स्टॉप-टारगेट सेट करते हैं — यह पूरी तरह से YouTube पर फ्री में उपलब्ध है।

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दैनिक अनुशासन, दीर्घकालिक परिणाम — मोटिवेशन से ड्सिप्लिन तक पहुँचने के लिए रोज एक ही ट्रेडिंग प्लान को दोहराना जरूरी है — सिर्फ एक दिन झूठ बोल सकते हो, लेकिन 500 दिन तक झूठ बोलना असंभव है, इसलिए लंबे समय में नतीजे निकलते हैं।

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Deep Dive

तीन साल की विफलता और 28 लाख का नुकसान

राकेश ने अपनी ट्रेडिंग की शुरुआत एक बिल्कुल यादृच्छिक तरीके से की — किसी को ट्रेडिंग करते हुए देखा, YouTube पर सर्च किया और फिर पूरी तरह डूब गए। शुरुआती तीन साल के दौरान उन्हें सिर्फ नुकसान मिला। उन्होंने क्रिप्टो, फ्यूचर्स, इंडियन स्टॉक मार्केट, ऑप्शंस — सब कुछ ट्राई किया लेकिन हर जगह असफल रहे। इस बीच उन्हें कुल 28 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जो उनके गरीब परिवार के लिए विनाशकारी था। उनके पिता की दैनिक आय ₹500-1000 थी और माता को 7000 की सैलरी मिलती थी। जब राकेश ने अपने माता-पिता को यह नुकसान बताया तो उनके पिता का रिएक्शन गेम-चेंजर साबित हुआ — वे कहने लगे कि कोई बात नहीं, वे साथ मिलकर इसे भरेंगे। उस पल में राकेश को एक मिशन मिल गया: अपने माता-पिता को यह नुकसान वापस करना।

साइकोलॉजी बदलना: 4 घंटे का टाइम फ्रेम और अनुशासन

नुकसान के बाद राकेश ने एक कमरा किराए पर लिया और डेढ़ साल के लिए खुद को अलग-थलग कर लिया। उन्होंने विश्लेषण किया कि तीन साल में क्या गलत हुआ और चार मुख्य समस्याएँ पहचानीं: मार्केट से मार्केट होपिंग, स्ट्रेटजी को बार-बार बदलना, कोई प्रॉपर रिस्क मैनेजमेंट नहीं, और अवास्तविक लक्ष्य। सबसे बड़ी रियलाइजेशन यह थी कि ट्रेडिंग में 80-90% मनोविज्ञान है और केवल 5-10% चार्ट को देखना है। उन्होंने 4 घंटे का टाइम फ्रेम चुना क्योंकि इससे उन्हें धैर्य रखना पड़ता है और लगातार फैसले नहीं लेने पड़ते। फिर उन्होंने फॉरेक्स में USD/JPY और गोल्ड पर ध्यान केंद्रित किया। मोटिवेशन को डिस्पिलिन में बदलने की कुंजी यह थी कि वे रोज एक ही ट्रेडिंग प्लान को फॉलो करते रहे — शुरुआत में प्रॉफिट नहीं हो रहा था, लेकिन धीरे-धीरे सिस्टम काम करने लगा।

प्रॉप फर्म्स का परिचय और गेम-चेंजर मोमेंट

जब राकेश को अपनी स्किल्स हासिल हो गईं तब उनके सामने एक समस्या थी — कहाँ से पैसा लाएँ बड़ी अकाउंट के लिए ट्रेडिंग करने के लिए? उसी समय उन्हें एक कस्टमर से एफटीएमओ का सर्टिफिकेट दिखा और यह सब कुछ बदल गया। उन्होंने गूगल किया, प्रॉप फर्म्स के बारे में जाना और यह समझा कि आप अपनी स्किल्स के आधार पर किसी से पैसे ले सकते हो ट्रेडिंग के लिए। शुरुआती दिनों में प्रॉप फर्म्स की संख्या बहुत सीमित थी — सिर्फ तीन-चार कंपनियाँ थीं और लिमिटेड प्लान्स। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल उलट गई है — Funding Pips, Blueberry Funded, Alpha Trading Capital, CFT Crypto Fund Trader जैसी कंपनियाँ हैं। राकेश ने शुरुआती पे आउट छोटे थे — $30, $40, $120 — लेकिन समय के साथ बड़े होते गए। उन्होंने अपने डिस्कर्ड कम्युनिटी में देखा कि आम ट्रेडर्स भी छोटे-छोटे और बड़े-बड़े पे आउट्स ले रहे हैं, यह साबित करता है कि सफलता केवल क्रिएटर्स के लिए नहीं है।

Point 7 Club स्ट्रेटजी और CFD vs फ्यूचर्स vs क्रिप्टो

राकेश की Point 7 Club स्ट्रेटजी बिल्कुल सिंपल है लेकिन अत्यंत प्रभावी है। यह फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित है। जब मार्केट हायर हाई बना रहा होता है और फिर पुलबैक लेता है, तब वे हाई से लो तक फिबोनाची खींचते हैं और 70% रिट्रेसमेंट के पास एंट्री लेते हैं। उसके बाद स्टॉप लॉस स्विंग लो के नीचे रखते हैं और टारगेट स्विंग हाई पर। यह पूरी स्ट्रेटजी YouTube पर फ्री में एक प्लेलिस्ट के रूप में उपलब्ध है। CFD, फ्यूचर्स और क्रिप्टो के बीच चुनाव करते समय राकेश कहते हैं कि सभी जगह से पैसा बनता है — यह सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसमें प्रॉफिटेबल हो गए हो। CFD शुरुआत के लिए बेहतर है क्योंकि इसमें कम वोलेटिलिटी है। फ्यूचर्स ज्यादा एडवांस्ड है क्योंकि यहाँ चीजें तेजी से चलती हैं और छोटे टाइम फ्रेम में ट्रेडिंग करनी पड़ती है। प्रॉप फर्म्स विशेष लाभ देते हैं क्योंकि आप $100 का अकाउंट $99 में खरीद सकते हो और मल्टीपल स्केलिंग प्लान्स मिलते हैं।

9 to 5 जॉब के साथ ट्रेडिंग करना संभव है

राकेश का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि जितना कम समय आप ट्रेडिंग को देते हो, उतना ज्यादा प्रॉफिटेबल बन सकते हो। जब आप 9 to 5 जॉब कर रहे हो तो आप केवल शाम को 1-2 घंटे के लिए चार्ट देख सकते हो, और यह पर्याप्त है। भारत का समय जोन एक आशीर्वाद है क्योंकि शाम को फॉरेक्स मार्केट में सबसे ज्यादा वॉल्यूम आता है। राकेश की शुरुआती जर्नी भी ऐसे ही थी — वे जॉब कर रहे थे, साइड में एडिटिंग भी करते थे, और फिर भी ट्रेडिंग सीख रहे थे। कम समय देने से एक फायदा यह है कि आप कम एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकते। आपको एक स्ट्रेटजी पर स्टिक करना पड़ता है और रोज उसी चीज को रिपीट करना पड़ता है। यह अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। अगर किसी के पास पैसे नहीं हैं तो वे राकेश के डिस्कर्ड पर फ्री गिवएवे अकाउंट के लिए कंपीट कर सकते हैं और पे आउट्स ले सकते हैं।

मोटिवेशन vs डिस्पिलिन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण

राकेश सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह बताते हैं कि मोटिवेशन एक दिन की चीज है — आप कि

Takeaways

  • ✓अपना ट्रेडिंग प्लान पहले से लिखो — स्टॉप लॉस, टार्गेट और रिस्क रेशियो सब डिफाइन कर लो।
  • ✓4-घंटे के टाइम फ्रेम में ट्रेड करो ताकि मनोविज्ञान को सही रहे और बार-बार एक्सपेरिमेंट न करो।
  • ✓मोटिवेशन से डिसिप्लिन में कन्वर्ट करो — रोज एक ही सिस्टम फॉलो करने से ही पैसा बनता है।
  • ✓शुरुआत में 1:2 या उससे कम रिस्क-रिवार्ड रेशियो रखो ताकि नुकसान के झटके से मनोविज्ञान खराब न हो।

Key moments

34:1028 लाख का नुकसान

“मेरा सबसे बड़ा नुकसान 28 लाख का हो गया था जब मैं बिल्कुल शुरुआत में था।”

12:08पापा को सच बताना

“मैंने उस दिन अपने पापा को बोला कि मैं ना बहुत गलत चीज में फंस गया हूं और उन्होंने बोला कि कोई बात नहीं।”

12:463 साल की गलतियों से सीखना

“मार्केट से मार्केट होप कर रहा था, स्ट्रेटजी बदल रहा था, कोई प्रॉपर रिस्क मैनेजमेंट नहीं था।”

39:00फोरेक्स में फोकस

“मैंने फॉर एक्स में फोकस किया, USD JPY और गोल्ड पर ट्रेड करने लगा।”

14:160.7 क्लब स्ट्रेटजी

“मैंने एक अपनी खुद की रिफाइंड स्ट्रेटजी बनाई जिसको मैं 0.7 क्लब बोलता हूं जो फिबोनाची बेस्ड है।”

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